भूलभुलैया के बीच में एक बूढ़ा आदमी बैठा था। उसका चेहरा हिरण की तरह था, और आँखों में चाँदनी थी।
सीमा की माँ बीमार रहने लगी थी। डॉक्टर ने कहा कि बच्चा पेट में है, लेकिन माँ कमज़ोर हो रही थी। रणवीर ने सीमा से कहा, “किताबों में मुंह मत लगाओ। असली दुनिया खून और मिट्टी से बनी है।”
सीमा भागी। उसकी माँ की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। रणवीर ने फैसला किया कि वह बच्चे को बचाएगा, माँ को नहीं। सीमा वापस भूलभुलैया में पहुँची। पैन ने उससे कहा, “एक रास्ता है। तुम अपनी माँ की जान ले सकती हो, और राजकुमारी बन सकती हो। या तुम इंसान रह सकती हो और अपने छोटे भाई को बचा सकती हो।” pans labyrinth hindi
उसने सीमा को एक साधारण सी चीज़ दी — , जिसके अंदर उसकी दादी की आत्मा बंद थी।
“मैं पैन हूँ,” उसने कहा। “तुम राजकुमारी नावलि हो। जब अत्याचारी लोगों ने स्वर्ग पर कब्ज़ा किया, तो तुम्हारे पिता ने तुम्हें इंसानी बच्ची बनाकर धरती पर भेज दिया। अब तुम्हें तीन काम करने हैं, ताकि तुम अपनी अमर आत्मा को वापस पा सको।” पहली परीक्षा – कीचड़ का राक्षस: सीमा को नीचे एक बेसमेंट में उतरना था, जहाँ एक बिना आँखों वाला राक्षस रहता था। उसके हाथों पर आँखें थीं। सीमा ने चुपके से उसकी आँखों पर गीली मिट्टी लगा दी, और जब राक्षस अंधा हो गया, तो वह तीन जादुई अमरूद ले आई। “तुमने मना कर दिया
सीमा ने कहा, “मैं राजकुमारी नहीं बनना चाहती। मैं बहन बनना चाहती हूँ।”
उस रात, सीमा ने सपना देखा — वह राजकुमारी नावलि के महल में थी। पैन ने कहा, “तुमने मना कर दिया, और यही सबसे बड़ा जादू है। अब तुम हर उस बच्चे की राजकुमारी हो जो अंधेरे में अकेला है।” pans labyrinth hindi
सीमा ने चुपचाप कहा, “नहीं, आपने मारा। आपके सख्त दिल ने। मैंने सिर्फ बच्चे को बचाया।”