सफाई से काम नहीं खत्म होता, बीमारी खत्म होती है। चलो, पहले ये ढेर हटाते हैं।
(सोच में) तो क्या करूं? सफाई करूं तो मेरा काम खत्म?
अरे दीदी! आपने तो यहाँ सब्जी के छिलके फेंक दिए। कोई फिसल कर गिर गया तो?
कूड़े का बोझ और शहर का चेहरा Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
बस यही तो चाहिए था। एक नहीं, सौ नहीं, सब मिलकर स्वच्छ भारत बनाएंगे।
अरे छोड़ो न राजू, साहब सड़क पर ही कूड़ा डालते हैं। मैं क्या कमीनी से डालूं? दृश्य 2: पॉलिथीन का आतंक (साहब अपनी दुकान से पॉलिथीन में सामान निकाल कर पॉलिथीन उड़ा देते हैं)
स्वच्छता अपनाएंगे, भारत को बनाएंगे स्वच्छ। नाला, गली, चौराहा, हर जगह रहेगा साफ। एक कदम, दो कदम, मिलकर चलना है। गंदगी को हराना है, हमको जीतना है। Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
अरे बाप रे! ये क्या हाल बना रखा है। यहाँ पॉलिथीन, वहाँ छिलका, इधर मूत, उधर थूक। क्या ये गंदगी हमारी पहचान है? मैं थक गया समझाने से। (जोर से) अरे कोई तो सुधरो!
हे भगवान, कितनी गर्मी है। जल्दी-जल्दी सब्जी काट कर फेंक दो। (छिलके सड़क पर फेंकती हैं)
राजू भइया, तुम बहुत चिल्लाते हो। गंदगी से ही तो मुझे रोटी मिलती है। लोग कूड़ा फेंकते हैं, मैं उसमें से बेच देता हूँ। गंदगी मेरी माँ है। Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
साहब जी, हमारी टीचर ने बताया कि एक पॉलिथीन को खत्म होने में 500 साल लगते हैं। 500 साल! यानी हमारी परपोती भी उसी पॉलिथीन को देखेगी। शर्म करो!
आज से मैं कूड़ा कंपोस्ट में डालूंगी।
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